(घुघूती बासूती के साथ डॉ. बेजी की अंतरंग बातचीत)
बेजी के लेखन में संवेदनशीलता और बुद्धिमता का बेजोड़ समन्वय मिलता है। उनकी कविता जीवंत अनुभूतियों को हू-ब-हू शब्दबद्ध कर सकने की कला की अनोखी मिसाल है। उनका गद्य इतना पारदर्शी है कि उसमें लेखिका के चिदाकाश पर उमड़ते-घुमड़ते विचारों के बादलों की गति और दिशा को […]